बॉम्बे हाईकोर्ट ने लगाई कंगना के ऑफिस में अवैध निर्माण तोड़ने पर रोक, उठाए BMC की कार्रवाई पर सवाल

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत को उद्धव सरकार से पंगा लेना महंगा पड़ गया है. बीएमसी ने बांद्रा वेस्ट के पाली हिल रोड पर स्थित कंगना रनौत के दफ्तर के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया. बीएमसी की टीम जेसीबी और मजदूरों के साथ कंगना रनौत के दफ्तर पहुंची और अवैध निर्माण को तोड़ा गया. इस बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने किसी भी तरह की तोड़फोड़ करने पर रोक लगा दी है. कंगना के वकील ने बीएमसी की इस कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट से स्टे ऑर्डर ले लिया
कोरोना के माहौल को देखते हुए बांबे हाईकोर्ट ने 26 मार्च 2020 को एक आदेश जारी करते हुए कहा था कि राज्य सरकार बीएमसी और सभी संबंधित विभाग कोरोना के माहौल को देखते हुए किसी के खिलाफ कोई विरोधआत्मक कार्रवाई जल्दबाज़ी में ना करें। जिससे कि अगर व्यक्ति को अदालत का दरवाजा खटखटाना हो तो वह कानूनी सहायता के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सके।
हाईकोर्ट ने 26 मार्च को यह आदेश जारी किया था और 31 अगस्त को इस आदेश को 30 सितंबर तक के लिए बढ़ा भी दिया है. ऐसे में सवाल यह है कि आखिर बीएमसी क्या हाईकोर्ट के आदेश का भी सम्मान नहीं करते या पालन करना उचित नहीं समझती. ऐसे भी क्या जल्दबाजी थी कि बीएमसी ने नोटिस देने के 24 घंटे के भीतर ही कंगना के ऑफिस में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी. वो भी तब जब मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में आज ही होनी थी।
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