आगरा में 34 यात्रियों सहित बदमाशों ने किया बस को हाईजैक
आगरा (Agra) से बस हाईजैक (Bus Highjack) मामले से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है. अगवा हुई बस और उसमें बैठीं सवारियों की अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है. जबकि आगरा पुलिस (Agra Police) का कहना था कि झांसी (Jhansi) में सवारियां पहुंची है लेकिन झांसी प्रशासन को इसकी कोई जानकारी नहीं है. झांसी में पुलिस टीम अलर्ट मोड़ पर है और बैरिकेट लगाकर चेकिंग की जा रही है.
बता दें कि न्यू दक्षणी बाईपास पर मंगलवार देर रात सवारियों से भरी बस को बदमाशों ने हाईजैक कर लिया था. ड्राइवर और कंडक्टर को कुबेरपुर में उतारकर बदमाश सबारियो समेत बस को ले गए. जानकारी के मुताबिक बस में थी 34 सवारी थीं. बस गुरुग्राम से मध्य प्रदेश के लिए निकली थी.
मध्य प्रदेश की छतरपुर पुलिस भी जांच में जुटी
छतरपुर पुलिस के एडिशनल एसपी सौरभ समीर ने मीडिया को बताया कि उनकी जानकारी के मुताबिक झांसी में बस को खाली कराया गया और बस को खाली कराकर यात्रियों को बालाजी ट्रेवल्स की एक बस में शिफ्ट किया गया.
बस और यात्री कहां है, इसको लेकर खोजबीन की जा रही है पुलिस टीमें छतरपुर में लगातार सर्चिंग कर रही हैं. फिलहाल किसी भी परिजन ने संपर्क नहीं किया है, और पैनिक जैसी कोई सिचुएशन नहीं है. एसपी छतरपुर यूपी पुलिस के संपर्क में है और यूपी बॉर्डर पर हर बस की जांच की जा रही है. यूपी से अगर कोई भी बस इस ओर आती है तो फौरन जानकारी मिलेगी.
आगरा पुलिस एक्टिव
बताया जा रहा है कि बदमाशों ने फाइनेंस कर्मी बनकर बस को रुकवाया था. यह घटना मंगलवार देर रात को (बुधवार तड़के) घटी. इस घटना की सूचना मिलते ही आगरा पुलिस एक्टिव हो गई है. जैसे ही घटना की सूचना मिली तो आगरा में क्राइम ब्रांच की टीम एसपी, एसपी सिटी, 5 सीओ और 8 थानाध्यक्षों को बस की तलाश में लगाया गया है.
आगरा से सटे जिलों के एसपी को भी तलाशी के लिये निर्देश दिए. एसएसपी का कहना है कि पहले नजर से देखा जाए तो फाइनेंस कंपनी द्वारा इस बस को लिए जाने का मामला लग रहा है.
5 लोगों ने बस को ओवरटेक करके रोका था
जायलो वाहन में सवार 5 लोगों ने बस को ओवरटेक करके रोका था. और ये 20 किलोमीटर बस को कब्जे में लेकर दूर तक साथ चलते रहे. एक ढाबे पर खाना भी खाया. चूंकि इन्हें बस मालिक और उसकी गाड़ियों के बारे में और फाइनेंस के बारे में जानकारी थी इसलिए ड्राइवर और कंडक्टर ने ज्यादा विरोध नही किया.
बस में पन्ना और छतरपुर की सवारी थीं
बस में पन्ना और छतरपुर की सवारी थीं. आगरा पुलिस इन सवारियों नाम पते निकलवाकर इनके परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश कर रही है. पुलिस का दावा है कि फ़ाइनेंस कंपनी वाले बस ले गए हैं. ड्राइवर कंडक्टर को पैसा देकर छोड़ा, कहा सवारियों को हम उनके स्थान तक छोड़ देंगे. बस मालिक का कल देहांत हुआ था, वह किश्त नहीं दे पा रहा था. कोई बस पैसेंजर समेत कैसे हाईजैक कर सकता है? कोई भी फ़ाइनेंस कंपनी हो.
बता दें कि बस का नंबर इटावा का है. गंभीर धारा में फाइनेंस कंपनी के खिलाफ और कर्मचारी के खिलाफ मलपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है.
'बस फाइनेंस ही नहीं थी'
बस की खोज में बस मालिक का रिश्तेदार झांसी पहुंचा है. झांसी में बस की कोई जानकारी नहीं मिली है. बस मालिक के रिश्तेदार गगन आनंद का कहना है कि जिस बस को गायब किया गया है वह बस फाइनेंस ही नहीं थी. 'फाइनेंस का पैसा ना चुकाने के कारण बस को फाइनेंस वाले ने उठाया' इस आरोप को रिश्तेदार ने किया खारिज किया है.

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